रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर से दो दिवसीय भारत दौरे पर आने वाले हैं। यह यात्रा कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी। इससे पहले वे दिसंबर 2021 में सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे। इस बार चर्चा का दायरा काफी बड़ा और गंभीर होने वाला है।
पुतिन इस दौरे में 23वीं भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे। यह समिट दोनों देशों के बीच होने वाली वार्षिक उच्चस्तरीय बैठक का हिस्सा है, जिसकी मेज़बानी भारत और रूस बारी-बारी से करते हैं। इस साल मेजबानी की ज़िम्मेदारी भारत की है।
दौरे के दौरान पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी, जिसमें दोनों नेता ऊर्जा सहयोग, रूसी तेल खरीद, रक्षा सौदों और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा करेंगे। भारत रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी बात आगे बढ़ा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में स्टेट डिनर का आयोजन करेंगी।
रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदने के कारण भारत को अमेरिका की ओर से लगाए गए 25% एक्स्ट्रा टैरिफ और बढ़े हुए शुल्क का सामना भी करना पड़ रहा है। अमेरिका का दावा है कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने से रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिलती है। इन मुद्दों पर भी पुतिन और भारतीय नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।
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