कोरबा/ढाका। महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2024 में भारतीय टीम ने अपने साहस और दमखम की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे देखकर पूरा विश्व भारतीय बेटियों के जज़्बे को सलाम कर रहा है। रविवार को खेले गए दिल दहला देने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने मजबूत मानी जाने वाली ईरान को 33-21 से हराकर फाइनल में जगह बना ली।
इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में रहीं छत्तीसगढ़ की बेटी और कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के ग्राम केराकछार की होनहार खिलाड़ी संजू देवी, जिन्होंने अपने साहसी और आक्रामक प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। संजू ने महत्वपूर्ण पलों में शानदार खेल दिखाते हुए टीम के लिए 9 बहुमूल्य अंक हासिल किए और मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया।
फाइनल मुकाबला ढाका में
अब भारत का मुकाबला चीनी ताइपे से फाइनल में होगा, जो ढाका में खेला जाएगा। कबड्डी प्रेमी टी-स्पोर्ट्स के यूट्यूब चैनल पर इस मुकाबले को लाइव देख सकेंगे, जहां पूरा देश भारतीय बेटियों के संघर्ष और पराक्रम का साक्षी बनेगा।
टूर्नामेंट में भारत का दबदबा
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 15 नवंबर से शुरू हुए इस विश्व कप में 11 देशों ने भाग लिया। शुरू से ही भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए थाईलैंड को 65-20, जर्मनी को 51-16, मेजबान बांग्लादेश को 43-18 तथा युगांडा को 63-22 से हराया।
संजू देवी की जुझारू कहानी
बांग्लादेश के खिलाफ मैच में संजू ने एक ही रेड में 6 अंक लेकर दर्शकों और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। युगांडा के खिलाफ मैच में चोट लगने के बावजूद संजू पीछे नहीं हटीं—दर्द को ताकत में बदलते हुए उन्होंने सेमीफाइनल में दमदार वापसी की।
मैच में केवल दस मिनट शेष रहते कोर्ट पर उतरकर पहले डिफेंस में शानदार अंक, फिर रेड में लगातार अंक हासिल कर उन्होंने टीम की जीत को मजबूत बना दिया। उनका यह जज़्बा और निडर खेल शैली आज भारत की नई प्रेरणा बन चुकी है।
संजू देवी न केवल पाली, कोरबा और छत्तीसगढ़ का गर्व हैं, बल्कि पूरी भारतीय महिला कबड्डी के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनकर उभरी हैं।
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