Home अंतरराष्ट्रीय 12,000 साल बाद फटा ज्वालामुखी, राख का गुबार भारत तक पहुँचा! उड़ानें रद्द, DGCA अलर्ट पर
अंतरराष्ट्रीयएक्सक्लूसिव

12,000 साल बाद फटा ज्वालामुखी, राख का गुबार भारत तक पहुँचा! उड़ानें रद्द, DGCA अलर्ट पर

Share
Share

पूर्वी अफ्रीका के इथियोपिया में मौजूद हैली गुबी ज्वालामुखी के शक्तिशाली विस्फोट का असर अब भारत में महसूस किया जा रहा है। करीब 12,000 साल बाद हुए इस विस्फोट से उठी राख का घना गुबार रेड सी और अरब देशों से गुजरते हुए भारत के आसमान में दाखिल हो चुका है। राख की मोटी परत इस समय दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्थिति को गंभीर देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइनों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है।

विशेषज्ञों के अनुसार राख अब भी बहुत ऊँचाई पर मौजूद है, इसलिए फिलहाल जमीन पर वायु गुणवत्ता में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन सतत निगरानी जारी है। उड़ानों के संचालन में जोखिम देखते हुए कई एयरलाइनों ने अपनी सेवाओं में बड़े बदलाव किए हैं। अकासा एयर ने 24 और 25 नवंबर को जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी के सभी उड़ान संचालन रद्द कर दिए हैं। KLM Royal Dutch Airlines ने भी अपनी एम्स्टर्डम–दिल्ली (KL 871) और दिल्ली–एम्स्टर्डम (KL 872) उड़ानें रद्द कर दी हैं। वहीं इंडिगो ने भी कई उड़ानों के रूट बदलने की जानकारी देते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

DGCA ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि विमान राख वाले क्षेत्रों और ऊँचाइयों से दूर रहें, उड़ान मार्ग और ईंधन योजनाओं पर पुनर्विचार किया जाए, और इंजन की समस्या या धुएँ की गंध जैसी किसी भी संदिग्ध घटना को तुरंत रिपोर्ट किया जाए। एयरपोर्ट्स को रनवे, टैक्सीवे और एप्रन की जाँच करने और आवश्यक होने पर संचालन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सैटेलाइट और मौसम अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए कहा गया है। उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और उड़ानों पर और असर देखने को मिल सकता है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *