बिलासपुर। शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। खारंग जलाशय की दायीं तट नहर की मरम्मत शुरू होते ही अमृत मिशन के तहत होने वाली पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। पिछले शनिवार से शुरू हुई समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है और 18 हजार से ज्यादा घरों में पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
शहर के कई इलाकों में सुबह–शाम दो घंटे पानी तो मिल रहा है, लेकिन उसका दबाव इतना कम है कि एक बाल्टी भरने में 15–20 मिनट लग रहे हैं। वहीं आधे से ज्यादा घरों में एक बूंद भी पानी नहीं पहुंच रहा है, जिसके चलते तालापारा, जरहाभाठा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का सब्र टूट गया है और पानी को लेकर हाहाकार मच गया है।
नहर के लगभग 200 मीटर लंबे हिस्से में रिसाव बढ़ जाने के बाद 21 नवंबर से मरम्मत कार्य शुरू किया गया, जिसके लिए नहर को पूरी तरह सुखाना पड़ा। इसके चलते अमृत मिशन की मुख्य सप्लाई रोकनी पड़ी है और शहर को बोरवेल और टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। लेकिन टैंकरों की संख्या जरूरत के मुकाबले बेहद कम है, जिसके कारण लोग बाल्टियाँ और डिब्बे लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं।
वार्ड 23 के पार्षद पति रामा बघेल बताते हैं कि “हमारे क्षेत्र में 21 नवंबर से ही सप्लाई बंद है। बोर की क्षमता कम है और निगम की टीम मौके पर सिर्फ आश्वासन दे रही है, कोई ठोस समाधान नहीं।”
नगर निगम व जल संसाधन विभाग के अनुसार, मरम्मत कार्य पूरा होने में कम से कम 15 दिन लगेंगे, जबकि स्थिति को देखते हुए यह अवधि बढ़कर दो से तीन सप्ताह भी हो सकती है।
स्पष्ट है कि आगामी दिनों में शहर के और भी इलाकों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
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