तिरुवनंतपुरम। वामपंथ का मजबूत गढ़ माने जाने वाले केरल में राजनीति की तस्वीर बदलती नज़र आ रही है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सबको चौंका दिया है। पहली बार नगर निगम में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अब यहां भाजपा का मेयर बनने जा रहा है।
चुनावी नतीजों में भाजपा को 50 सीटें, वाम गठबंधन (LEFT+) को 29 सीटें, जबकि कांग्रेस गठबंधन (CONG+) को 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा। यह परिणाम केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि केरल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सफलता किसी अचानक हुए चमत्कार का नतीजा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रनीति, संगठन की रणनीति और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है।
खास तौर पर केरल के त्रिशूर से भाजपा सांसद सुरेश गोपी की भूमिका को इस बदलाव की नींव माना जा रहा है। वर्षों से उन्होंने राज्य में भाजपा को मजबूत करने का प्रयास किया और अब उसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
जिस धरती पर कभी ‘लाल सलाम’ की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई देती थी, वहां आज भगवा रंग की मौजूदगी ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। यह जीत न सिर्फ भाजपा के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि केरल की आने वाली राजनीति के संकेत भी देती है।
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