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धमतरी में 5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने डाला हथियार

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धमतरी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले धमतरी में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सरेंडर करने वाली नक्सली की पहचान भूमिका उर्फ गीता (37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नगरी एरिया कमेटी अंतर्गत गोबरा एलओएस की कमांडर थी।

भूमिका मूल रूप से बीजापुर जिले के गुंगालुर थाना क्षेत्र के पुसनार गांव की निवासी है। वह वर्ष 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई थी और लंबे समय तक संगठन के विभिन्न दस्ता और एरिया कमेटियों में सक्रिय रही।

संगठन से मोहभंग के बाद किया आत्मसमर्पण

माओवादी संगठन के अंदर भेदभावपूर्ण रवैये, कठोर जीवनशैली और विचारधारा से असंतुष्ट होकर भूमिका ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। 6 जनवरी 2026 को वह धमतरी एसपी कार्यालय पहुंची, जहां पुलिस अधिकारियों के समक्ष उसने आत्मसमर्पण किया।

सीसीएम संग्राम की गार्ड भी रही भूमिका

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद भूमिका वर्ष 2005 से 2010 तक प्लाटून-01 में सक्रिय रही। इसके बाद उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया।

वर्ष 2011 से 2019 तक वह सीसीएम संग्राम की गार्ड के रूप में तैनात रही।

इसके बाद 2019 से 2023 तक सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम रही और सितंबर 2023 में गोबरा एलओएस कमांडर बनाई गई।

संगठन में कैडर की कमी के चलते वह नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से कार्य कर रही थी। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कई मुठभेड़ों में रही सक्रिय

भूमिका अलग-अलग वर्षों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में हुई कई मुठभेड़ों में शामिल रही। इनमें बीजापुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और ओडिशा के नुआपाड़ा क्षेत्र शामिल हैं। कुछ घटनाओं में नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई, जबकि कई मुठभेड़ों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

शासन की नीति के तहत मिली सहायता

छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत भूमिका को 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। आगे उसे पुनर्वास से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।

SP का बयान

एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि लंबे समय तक माओवादी संगठन में रहने के कारण भूमिका पारिवारिक जीवन से दूर रही। धमतरी पुलिस के लगातार अभियानों, सिविक एक्शन प्रोग्राम और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस अन्य नक्सलियों से भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील कर रही है।

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