महासमुंद। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और नूतन इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के प्रदूषण को लेकर फिर मोर्चा संभाल लिया है। किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं और इसी दर्द को आवाज देने के लिए मोर्चा 16 दिसंबर को एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। मोर्चा ने तय किया है कि किसान अपना प्रदूषित धान लेकर लोहिया चौक से पदयात्रा करते हुए जिलाधीश कार्यालय पहुँचेंगे और प्रशासन से सीधे जवाब मांगेंगे कि जब उद्योग अवैध है तो अब तक तालाबंदी क्यों नहीं की गई।
छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा की यह बैठक 11 दिसंबर को खैरझिटी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में हुई, जिसकी अध्यक्षता रामायण कला के प्रसिद्ध कलाकार और किसान नेता नंदकुमार साहू ने की। बैठक के मुख्य अतिथि मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे थे। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय सहित अन्य संवैधानिक न्यायालयों ने किसानों के पक्ष में फैसले दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण रोकने और उद्योगों पर कार्रवाई करने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम दिखाई दे रहा है। किसानों का धान धूल, राख और जहरीले कणों से प्रभावित हो रहा है, जिससे उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई है और अब वे इसे चुपचाप सहने वाले नहीं हैं।
मामले को और गंभीर बनाता है छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हटाने का विवाद, जिसमें पुलिस ने न्यायालय को लिखित में दिया है कि प्रतिमा से उनका कोई लेना-देना नहीं था। इस पर मोर्चा अध्यक्ष अनिल दुबे ने सीजीएम न्यायालय में सुपुर्दनामा आवेदन भी लगाया है। किसानों का कहना है कि महतारी की प्रतिमा हटाने की कार्रवाई अवैध उद्योगों के दबाव में की गई थी, और इसी वजह से पूरा आंदोलन अब और तेज़ हो गया है।
बैठक में अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, लीलाधर पटेल, तोषण सिन्हा, दीनदयाल साहू, इंदल पटेल, धर्मेंद्र यादव, घनश्याम पटेल, करण साहू, श्रीमती राधाबाई सिन्हा सहित भारी संख्या में किसान, महिला किसान और छात्र मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सिरपुर की विश्व धरोहर और किसानों की जमीनें बचाने के लिए यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर है।
Leave a comment