रायपुर। लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। रायपुर पुलिस ने उसे ग्वालियर (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार किया। शनिवार को रायपुर लाने के बाद पुलिस ने आरोपी का चांदनी चौक से भांटागांव बस स्टैंड तक जुलूस निकाला।
इस दौरान पुलिस ने उससे “गुंडागर्दी पाप है, कानून हमारी बाप है” जैसे नारे बुलवाए। राहगीरों की भीड़ के बीच पुलिस की यह कार्रवाई पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
जुलूस के बीच ही वीरेंद्र तोमर अचानक लंगड़ाने लगा और फिर बेहोश होकर गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे सरकारी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पुरानी बस्ती के सीएसपी राजेश देवांगन ने बताया कि वीरेंद्र तोमर पर रायपुर के कई थानों में गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस अब उसके भाई रोहित तोमर की भी तलाश कर रही है, जो इस समय फरार बताया जा रहा है।
परिवार का आरोप – “पुलिस की साजिश है”
आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वीरेंद्र और रोहित को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। पत्नी का कहना है कि यह कार्रवाई किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है और पुलिस जानबूझकर परिवार को निशाना बना रही है।
फिलहाल पुलिस वीरेंद्र तोमर से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में राजधानी रायपुर में फैले उसके अपराध नेटवर्क और सूदखोरी के रैकेट से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
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