प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के बीच चल रही अंदरूनी लड़ाई का खामियाजा अब ठेकेदारों को भुगतना पड़ रहा है। विभागीय प्रमुख अभियंता विजय कुमार भतपहरी की कार्यवाहियों को लेकर अधिकांश निर्माण कार्य ठप हैं। पिछले एक माह से ठेकेदार संगठन लगातार बैठकों का दौर चला रहे हैं और विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि अधिकारियों के आपसी विवाद के कारण भुगतान और कार्य स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। कई परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं, जिससे विकास कार्यों की गति पर असर पड़ रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी ठेकेदारों के हक को मार रहे हैं और जानबूझकर देरी कर रहे हैं। भ्रष्ट अधिकारियां मंत्री लोक निर्माण विभाग की छवि को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है।
ठेकेदारों ने शासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
इस दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर भ्रष्टाचार और विभागीय राजनीति के खिलाफ आवाज बुलंद की।
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