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रायपुर में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बवाल, 40 से ज्यादा पर FIR

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रायपुर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हुई हिंसक घटनाओं और कथित जबरन धर्मांतरण के विरोध में बुधवार को आहूत छत्तीसगढ़ बंद का असर राजधानी रायपुर में साफ तौर पर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार, स्कूल, निजी दफ्तर और व्यावसायिक संस्थान बंद रहे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

हालांकि बंद के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कई इलाकों में जबरन दुकानें बंद कराए जाने की शिकायतें सामने आईं, वहीं कुछ स्थानों पर मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं।

कटोरा तालाब स्थित ब्लिंकिट कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा जीई रोड स्थित मैग्नेटो मॉल में भी तोड़फोड़ की गई, जहां क्रिसमस सजावट को नुकसान पहुंचाया गया।

बजरंग दल सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा अपनाए गए आक्रामक रवैये के चलते कई जगहों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 40 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन घटनाओं ने प्रशासन और पुलिस की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और सर्व समाज के आह्वान पर रायपुर में बंद को व्यापक समर्थन मिला। चेंबर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न बाजारों का दौरा किया और व्यापारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।

चेंबर और सर्व समाज की संयुक्त रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। बंद के दौरान जीई रोड, जयस्तंभ चौक, नालंदा परिसर, पंडरी, गोलबाजार और शंकर नगर क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं।

अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर प्रदर्शनकारियों ने बसों का संचालन रोक दिया, वहीं कुछ बसों में तोड़फोड़ की सूचना भी सामने आई। आमानाका क्षेत्र में पेट्रोल पंप बंद कराने को लेकर कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि कई व्यापारी संगठनों ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन किया।

छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा,

“हम किसी भी धर्म के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रलोभन या दबाव के जरिए कराए जा रहे धर्मांतरण का व्यापारी समाज विरोध करता है। यह बंद इस बात का संकेत है कि पूरा प्रदेश इस मुद्दे पर एकजुट है।”

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