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अब छत्तीसगढ़ में बिना ट्रेड लाइसेंस दुकान चलाना नामुमकिन: गुमटी से लेकर मॉल तक सभी व्यापारियों पर लागू हुआ नया नियम

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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में व्यापारिक व्यवस्था को पारदर्शी और संगठित बनाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी 192 नगरीय निकायों में बिना ट्रेड लाइसेंस के कोई भी दुकान नहीं चल सकेगी। यह नियम छोटे फुटपाथ दुकानदारों से लेकर बड़े मॉल की दुकानों तक समान रूप से लागू होगा।

नया नियम और शुल्क निर्धारण:

नगर निगम क्षेत्र में दुकानदारों को सालाना अधिकतम ₹30,000 तक, नगर पालिका क्षेत्र में ₹20,000 और नगर पंचायत क्षेत्र में ₹10,000 तक शुल्क देना होगा। बाजार के आधार पर तीन श्रेणियों में शुल्क तय किया गया है — मोहल्ला स्तर पर ₹4 प्रति वर्गफुट, मध्यम बाजार में ₹5 और बड़े बाजारों में ₹6 प्रति वर्गफुट शुल्क लगेगा।

लाइसेंस की अवधि और नवीनीकरण प्रक्रिया:

व्यापारियों को कम से कम दो साल की अवधि के लिए ट्रेड लाइसेंस दिया जाएगा। एक बार में 10 साल तक का लाइसेंस भी लिया जा सकता है। अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। अगर व्यापारी निर्धारित समय में लाइसेंस नवीनीकरण नहीं करवाता, तो छह महीने की देरी पर 15% जुर्माना देना होगा। एक साल से ज्यादा समय तक नवीनीकरण न कराने पर दुकान को संबंधित नगरीय निकाय द्वारा सील किया जा सकेगा।

वाहनों और गुमटी दुकानदारों के लिए भी नियम:

गुमटी या अस्थायी दुकानों के लिए नगर निगम में ₹250, नगर पालिका में ₹150 और नगर पंचायत क्षेत्र में ₹100 वार्षिक शुल्क तय किया गया है। वहीं, मिनी ट्रक, जीप, पिकअप वैन पर चलने वाले व्यापारियों को भी अब लाइसेंस लेना जरूरी होगा। इसके लिए निगम क्षेत्र में ₹400, पालिका में ₹300 और पंचायत क्षेत्र में ₹200 वार्षिक शुल्क देना होगा।

ट्रेड लाइसेंस के लाभ:

लाइसेंस मिलने से व्यापारी को सरकारी दस्तावेज प्राप्त होगा, जिससे वह कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त व्यवसायी कहलाएगा। इसके आधार पर बैंक से लोन लेना आसान होगा और व्यापार में पारदर्शिता बनी रहेगी।

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