बिलासपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आज से (14 नवंबर) एक श्रेणी-बद्ध “स्वदेशी मेला 2025” शुरू हो रहा है।
इस मेले में प्रमुख रूप से निम्न-विषय शामिल होंगे:विभिन्न घरेलू (देसी) उत्पादों के स्टॉल-व्यास जहाँ स्थानीय कारीगर, हस्त-शिल्पकार एवं छोटे उद्यमी अपने सामान प्रस्तुत करेंगे।सांस्कृतिक कार्यक्रम – जिसमें लोक कलाकार, लोक संगीत, नृत्य आदि का मंच होगा।उद्घाटन समारोह में राज्य के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) द्वारा शुभारंभ होगा।
उद्देश्य एवं माहौल
इस मेले का प्रमुख उद्देश्य है स्थानीय उत्पादों, हस्त-शिल्प तथा छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देना – यानी “वोकल फॉर लोकल” की भावना को आगे ले जाना।साथ ही यह आयोजन एक उत्सव-मंच के रूप में कार्य करेगा जहाँ सिर्फ खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि संस्कृति-मान, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता भी शामिल है।लोक कलाकारों की भागीदारी से मेले में जीवंत एवं उत्सव-मय माहौल बनेगा, जिससे आने वाले-जाने वालों के लिए आकर्षण बढ़ेगा।
क्या विशेष रहेगा
सभी आयु-वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण: बच्चों के लिए झूले-मंजर, युवाओं-बड़ों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।एक ही छत के नीचे: खरीदारी + मनोरंजन + सामाजिक मिलन।उद्घाटन समारोह का आकर्षक दृश्य: उपमुख्यमंत्री का मंच संचालन तथा शुभारंभ वक्तव्य।कारीगरों-उद्यमियों को सीधे जनता से जुड़ने का अवसर, जिससे उनकी पहुँच बढ़ेगी।
जानने योग्य बातें
कार्यक्रम की शुरुआत आज से है, इसलिए यदि आप जाना चाह रहे हैं तो समय एवं स्थान को ध्यान में रखें।पूरे मेले में विभिन्न स्टॉल व कार्यक्रम होंगे — इसलिए लौटने-पहुँचने की योजना पहले बनाना अच्छा रहेगा।संस्कृति-प्रस्तुतियाँ शाम के समय होने की संभावना अधिक है, इसलिए रात तक का समय बना कर रखना बेहतर होगा।हस्त-शिल्प, देसी उत्पाद आदि खरीद-देखने का यह अच्छा अवसर है — खास तौर पर जो “स्थानीय” विकास और कारीगर-सशक्तिकरण को समर्थन देना चाहते हैं।
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