रायपुर : प्रदेश के उत्तरी व मध्य हिस्सों में आने वाले चार दिनों में शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है — जिसकी चेतावनी India Meteorological Department (IMD) ने जारी की है।
खासतौर पर दुर्ग जिले में न्यूनतम तापमान लगभग 10 °C तक गिरने की संभावना है।वहीं सुकमा एवं दंतेवाड़ा जैसे जिलों में कम तापमान के साथ मलेरिया व सर्दी-खाँसी की जोखिम बढ़ने की आशंका है।इसके अतिरिक्त बलौदाबाजार-पेंड्रा क्षेत्र में लोग रातों को अलाव की ओर रुख कर सकते हैं, क्योंकि तापमान में गिरावट से शरीरिक परेशानी एवं विद्युत् लोड में उतार-चढ़ाव होने की संभावना जताई गई है।
अधिकारियों ने बताया है कि उत्तर-पूर्वी हवाओं का सक्रिय होना, बंगाल की खाड़ी से आर्द्रता का कम होना आदि कारणों ने तापमान को सामान्य से 2-3 डिग्री नीचे धकेलने में भूमिका निभाई है।
इस दौरान नागरिकों को सलाह दी गई है:सुबह-शाम और रात के समय अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनें।खासकर जन्म-शिशु, वरिष्ठ नागरिक तथा पहले से बीमार लोग विशेष ध्यान रखें।सर्द हवाओं में बाहर लंबा समय न बिताएं, और यदि घर में ही कम तापमान हो तो अलाव या हीटर का प्रबंध करें।
मलेरिया से बचाव हेतु खिड़कियाँ-दरवाजे बंद रखें, मच्छरदानी/मच्छर रिपेलेंट उपयोग करें।सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने इशारा दिया है कि ऐसे मौसम में मलेरिया तथा ठंड-संबंधित बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं- इसलिए सतर्कता जरूरी है।
Leave a comment