नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 15 तक पहुंच गया है। भागीरथपुरा इलाके में जहरीला पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हो गए हैं। गुरुवार को 338 नए मरीज सामने आए, जिनमें से 32 की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है।
इस गंभीर मामले पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में जनता को पानी नहीं बल्कि ज़हर बांटा गया और प्रशासन गहरी नींद में सोता रहा।
राहुल गांधी ने भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक तरफ गरीब परिवारों के घरों में मातम पसरा है और दूसरी तरफ भाजपा नेताओं के बयान घमंड से भरे हुए हैं।
राहुल गांधी का ट्वीट: सरकार से सवालों की बौछार
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि इंदौर में सीवर मिला पानी सप्लाई किया गया, प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब लोग लगातार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, तो सुनवाई क्यों नहीं हुई?
उन्होंने आगे पूछा कि सीवर का पानी पीने के पानी में कैसे मिला? सप्लाई तुरंत बंद क्यों नहीं की गई? और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अफसरों व नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
राहुल गांधी ने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इस अधिकार के हनन के लिए भाजपा का ‘डबल इंजन’ शासन, लापरवाह प्रशासन और असंवेदनशील नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
उन्होंने मध्य प्रदेश की शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य अब कुप्रशासन का केंद्र बनता जा रहा है। कभी खांसी की सिरप से मौतें, कभी सरकारी अस्पतालों में चूहों के कारण बच्चों की जान और अब सीवर मिला पानी पीने से लोगों की मौत—हर जगह गरीबों की जान जा रही है और केंद्र सरकार चुप्पी साधे बैठी है।
नगर निगम के बाहर यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और मंत्री के बयान के बाद सियासत और तेज हो गई है। शुक्रवार को यूथ कांग्रेस ने इंदौर नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
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