महासमुंद। अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और अवैध नूतन आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पौने चार वर्षों से चल रहे आंदोलन को आज नया आयाम मिला। छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलनकारी एवं छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अनिल दुबे के नेतृत्व में सत्याग्रही किसानों ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के साथ तुमगांव थाना पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी (राजमाता) की भव्य शोभायात्रा निकाली।
इस शोभायात्रा में तुमगांव, महासमुंद, सिरपुर, पटेवा सहित 9 गांवों के सैकड़ों किसान एवं महिला किसानों ने भाग लिया। प्रदेशाध्यक्ष अनिल दुबे ने आरोप लगाया कि अवैध उद्योगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन स्तर पर सुनियोजित साजिश की गई, लेकिन अब यह साजिश उजागर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक लाभ के दबाव में न्यायालयीन आदेशों को कमजोर करने का प्रयास किया गया है, जिसे किसान स्वीकार नहीं करेंगे।
किसान मोर्चा का कहना है कि विष्णुदेव साय सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को बंदी बनाया गया था। न्यायालय की कड़ी फटकार के बाद संबंधित अधिकारियों—तहसीलदार महासमुंद जुगल किशोर पटेल, नायब तहसीलदार मोहित कुमार अमीला, एसडीओपी अजय त्रिपाठी सहित अन्य—को जवाबदेह ठहराया गया और प्रतिमा सत्याग्रही किसानों को सौंपी गई।
शोभायात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी का गंगाजल से विधिवत शुद्धिकरण किया गया। बैंड-बाजा, आतिशबाजी और महाआरती के साथ भव्य स्वागत हुआ। शोभायात्रा का विश्राम खैरझिटी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में हुआ, जहां विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
प्रदेशाध्यक्ष अनिल दुबे ने ऐलान किया कि 28 दिसंबर को किसान मोर्चा आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर बड़ा निर्णय लेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता यात्रा के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध उद्योगों और प्रशासनिक मिलीभगत के खिलाफ कानूनी और जन आंदोलन दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता जागेश्वर प्रसाद, किसान नेता वेगेंद्र सोनवेर सहित बड़ी संख्या में किसान नेता, महिला किसान और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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