महासमुंद। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले महासमुंद जिले में किसानों ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड एवं नूतन आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड से फैल रहे प्रदूषण के कारण धान की फसल बर्बाद होने से आक्रोशित किसान ट्रैक्टरों में नष्ट धान लेकर जिलाधीश कार्यालय पहुंचे।
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन और न्यायालय परिसर से छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को मुक्त कराने की मांग को लेकर चारों ओर नाकेबंदी के बावजूद सैकड़ों सत्याग्रही किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधीश के साथ हुई बैठक में किसानों द्वारा राष्ट्रपति के नाम प्रस्तुत ज्ञापन को त्वरित रूप से भेजने का आश्वासन दिया गया। साथ ही प्रदूषित धान की सरकारी खरीदी और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा भी प्रशासन ने दिया।
किसान मोर्चा का आरोप है कि इससे पूर्व उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को प्रेषित ज्ञापन को जिलाधीश द्वारा दबा दिया गया। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री के आगामी जिला प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को न्यायालय से निकालकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और भ्रष्ट अधिकारियों को संविधान के दायरे में रहकर काम करने के लिए बाध्य किया जाएगा।
सत्याग्रही किसानों ने दोपहर 1 बजे लोहिया चौक महासमुंद से जिलाधीश कार्यालय तक मार्च किया। इस आंदोलन का नेतृत्व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे सहित लालाराम वर्मा, छन्नूलाल साहू, विमल ताम्रकार, नंदकुमार साहू, बृजबिहारी साहू, अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, बलराम साहू, लीलाधर पटेल, तोषण सिन्हा, अवध साहू, रूपसिंह निषाद, दीनदयाल साहू, धर्मेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसानों ने किया।
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