छत्तीसगढ़ अब सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि साहसिक पर्यटन के नए ठिकाने के रूप में भी पहचान बना रहा है। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित सैला टूरिस्ट रिसोर्ट में एक विशेष एडवेंचर कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसने युवाओं के बीच रोमांच की नई लहर पैदा कर दी।
हरी-भरी पहाड़ियों और खुली घाटियों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने ऑफ-रोड बाइकिंग, एटीवी राइड और पैरामोटर राइड जैसी गतिविधियों का अनुभव लिया। ऊँचाई से नीचे दिखती वादियाँ और तेज़ रफ्तार एडवेंचर ने प्रतिभागियों को अलग ही जोश से भर दिया।
इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को साहसिक पर्यटन से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना रहा। कार्यक्रम के जरिए मैनपाट और सैला क्षेत्र की भौगोलिक संरचना, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।
एडवेंचर गतिविधियों का संचालन इनफिनिटी राइडर क्लब के अनुभवी राइडर्स की देखरेख में किया गया। प्रतिभागियों को पहले सेफ्टी गाइडलाइन समझाई गई और हेलमेट सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। प्रशिक्षित मार्गदर्शकों की निगरानी में राइडिंग कराते हुए सुरक्षित पर्यटन का भी स्पष्ट संदेश दिया गया।
युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सैला का स्वच्छ वातावरण और पहाड़ी भू-दृश्य एडवेंचर टूरिज्म के लिए बेहद उपयुक्त है। उनका मानना है कि यदि इस तरह के आयोजन लगातार होते रहे, तो मैनपाट आने वाले वर्षों में साहसिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। युवाओं ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड से ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। बोर्ड ने भी संकेत दिए कि रजत जयंती वर्ष के तहत प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी इस तरह के नवाचार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ को एडवेंचर टूरिज्म की नई पहचान मिलेगी।
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