बालोद जिले से एक बड़ी आर्थिक अनियमितता की खबर सामने आई है, जहां वर्ष 2024–25 के दौरान दो धान संग्रहण केंद्रों में करोड़ों रुपये के धान की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। मामला जगतरा और धोबनपुरी स्थित धान संग्रहण केंद्रों से जुड़ा हुआ है, जहां जांच के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक के धान में गड़बड़ी पाए जाने की पुष्टि हुई है।
जिला विपणन अधिकारी द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि दोनों केंद्रों में धान के भंडारण और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। इसके बाद जिला विपणन अधिकारी ने बालोद थाना और गुरूर थाना में संबंधित धान संग्रहण केंद्र प्रभारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले से शासन को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर हुई धान की हेराफेरी किसी एक अधिकारी की करतूत नहीं हो सकती। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच जारी है, और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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