रायपुर। भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले छत्तीसगढ़ के महानायक शहीद वीर नारायण सिंह के 17वें शहादत दिवस पर राज्य आंदोलनकारियों ने उन्हें ऐतिहासिक श्रद्धांजलि देने का ऐलान किया है। आगामी 10 दिसंबर 2025 को राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक स्थित शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा के समक्ष चौबीसों घंटे जलने वाली अमर ज्योति प्रज्ज्वलित की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं राज्य आंदोलनकारियों ने ली है।
छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ियों के अधिकार, भाषा, संस्कृति और रोजगार को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि बाहरी कंपनियों और भ्रष्ट तंत्र को संरक्षण मिल रहा है।
अनिल दुबे ने तुमगांव क्षेत्र में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हटाए जाने की कार्रवाई को प्रशासनिक मनमानी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कंपनियों से सांठगांठ कर अधिकारियों और पुलिस ने किसानों, महिलाओं और आंदोलनकारियों पर दबाव बनाया तथा न्यायालय से जुड़े तथ्यों को नजरअंदाज किया। इससे प्रदेश में आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है और यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो छत्तीसगढ़ की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

राज्य आंदोलनकारियों के अनुसार शहीद दिवस के अवसर पर अमर ज्योति का विधिवत प्रज्ज्वलन दोपहर 12 बजे गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और पारंपरिक सम्मान के साथ किया जाएगा, जो निरंतर जलती रहेगी। दोपहर 1 बजे से पंडवानी शैली में चेतन देवांगन और उनकी टीम द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह की शौर्यगाथा प्रस्तुत की जाएगी। संध्या 6 बजे 170 दीप प्रज्वलित कर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाएगी। दिनभर साहित्यिक पाठ, विचार और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि अमर ज्योति प्रज्ज्वलन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी अस्मिता, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि छत्तीसगढ़ महतारी से जुड़े मामले को लेकर पूरे जिले सहित प्रदेश स्तर पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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