रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर जारी बहस के बीच भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुप्ता ने अपने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान जमीन रजिस्ट्रियों में भारी अनियमितताएँ हुईं, जिनकी तत्काल जांच आवश्यक है।
गुप्ता के अनुसार, कांग्रेस शासनकाल में जमीन की गाइडलाइन दरों पर कुछ समय के लिए 40 प्रतिशत तक की छूट दी गई थी। इसी अवधि में, भूमि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। उन्होंने दावा किया कि NIC पोर्टल में 30 लाख रुपये से अधिक की कई रजिस्ट्री बिना दस्तावेज अपलोड किए कर दी गईं, जबकि कुछ मामलों में बिना भुगतान के ही रजिस्ट्री पूरी कर दी गई।
गुप्ता ने यह भी कहा कि रजिस्ट्री में चेक नंबर लिखा गया, लेकिन चेक जमा कराया ही नहीं गया—यानी रजिस्ट्री तो हो गई, पर भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा, गाइडलाइन दर से कम मूल्य पर रजिस्ट्री किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

उन्होंने इस पूरे मामले को कोयला घोटाले, DMF घोटाले और शराब घोटाले की तरह ही गंभीर बताया है। गुप्ता ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान “कुछ खास लोगों” ने जनता का पैसा लूटा और इस कथित घोटाले में तत्कालीन सत्ता से जुड़े नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और कुछ व्यापारियों की भूमिका रही है।
गुप्ता ने शासन से मांग की है कि इन रजिस्ट्रियों की विस्तृत जांच कराकर सच सामने लाया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
राज्य में नई गाइडलाइन दरों पर जारी राजनीतिक बहस के बीच गुप्ता के इस बयान ने एक बार फिर जमीन रजिस्ट्री के पुराने प्रकरणों को केंद्र में ला दिया है।
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