रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजभवन की पहचान अब पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र सरकार के ताज़ा निर्देशों के बाद राज्यपाल सचिवालय ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘राजभवन’ का नाम बदलकर ‘लोकभवन’ कर दिया है। आदेश जारी होते ही परिसर में लगी पुरानी नेमप्लेट हटाई गई और उसकी जगह नई पट्टिका स्थापित कर दी गई, जिस पर सुनहरे अक्षरों में ‘लोकभवन’ अंकित है।
अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि सोच और संरचना का प्रतीक है—राजभवन को जनता से और अधिक जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।
राज्यपाल के सचिव ने बताया कि वर्ष 2024 में आयोजित राज्यपाल सम्मेलन में देशभर के राजभवनों को ‘लोकभवन’ नाम दिए जाने का प्रस्ताव आया था। उसी सुझाव पर आगे बढ़ते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को नाम परिवर्तित करने के निर्देश भेजे थे।
सचिवालय ने मंत्रालय के पत्र के मिलते ही आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। नाम बदलने के साथ ही लोकभवन के सरकारी दस्तावेज़, वेबसाइट, लेटरहेड, रिकॉर्ड और आधिकारिक पत्राचार में भी नया नाम लागू होना शुरू हो गया है।
इस फैसले के साथ छत्तीसगढ़ भी उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां राजभवन को अब जनता के घर—‘लोकभवन’ के रूप में जाना जाएगा। प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को “जनता के प्रति ज्यादा जवाबदेह छवि की ओर कदम” माना जा रहा है।
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