मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित 40 वर्ष पुराने पुल के अचानक टूटने की घटना ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है। यह हादसा उस समय हुआ, जब पुल के नीचे मरम्मत का काम चल रहा था और ऊपर से दो मोटरसाइकिल सवार गुजर रहे थे। अचानक पुल का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क समेत पूरी संरचना मलबे में बदल गई। इस दर्दनाक हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई। फील्ड स्टाफ के प्रभंधक ए. खान को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वहीं मुख्य अभियंता गोपाल सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यों की उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई गई है। यह टीम सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रारंभिक जानकारी में पता चला कि पुल और सड़क की नियमित देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी एमपी रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पास थी। लेकिन वर्षों से निगरानी की कमी और पुराने ढांचे की अनदेखी ने इस हादसे को जन्म दिया। इस घटना ने एक बार फिर सरकार और विभागों के रखरखाव सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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