नवा रायपुर में आयोजित 60वीं अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस का समापन हो गया। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई और कहा कि देशभर में महिलाओं के अपराधों को रोकने के लिए डायल 112 की तरह एक साझा प्लेटफॉर्म बनाया जाना चाहिए। इससे हर राज्य की पुलिस मिलकर तेजी से कार्रवाई कर सकेगी।
कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्कूल के बच्चों से करियर और परीक्षा जैसे विषयों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा पीएम नए स्पीकर हाउस M-1 में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सरकारी स्कूलों के लगभग 30 बच्चों से मुलाकात भी करेंगे। इन बच्चों को विशेष रूप से प्रधानमंत्री से मिलने के लिए आमंत्रित किया गया है।
कॉन्फ्रेंस में सुबह उन राज्यों को प्रस्तुति देने का मौका दिया गया, जो पिछले दिन अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए थे। शुरुआती सत्र में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र में गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया गया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों की जरूरतों, राज्यों के सुझावों और पहले दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए अंतिम गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार किया गया। साथ ही देश के जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस कॉन्फ्रेंस में ‘मॉडल स्टेट’ का भी चयन किया गया, जिसकी बेहतरीन प्रैक्टिस पूरे देश में लागू करने की योजना है। इसका उद्देश्य हर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को एक समान और प्रभावी बनाना है।
कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को 13 घंटे तक चली मैराथन बैठक भी काफी महत्वपूर्ण रही। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेतृत्व किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे। पूरी बैठक देश की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर केंद्रित रही।
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