दिल्ली–एनसीआर में हवा की रफ्तार धीमी पड़ते ही प्रदूषण ने एक बार फिर करवट बदल ली है। गुरुवार की सुबह शहर धुंध, हल्के कोहरे और घने स्मॉग की चादर में लिपटा नज़र आया। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।
राजधानी दिल्ली के अशोक विहार, जहांगीरपुरी, वजीरपुर और बवाना जैसे इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह 7 बजे तक के आंकड़े बताते हैं कि हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है।
दिल्ली में
- अलीपुर – 354
- आनंद विहार – 408
- अशोक विहार – 417
- बवाना – 413
- चांदनी चौक – 408
- द्वारका – 416
- जहांगीरपुरी – 420
- मुंडका – 436
- रोहिणी – 432
- विवेक विहार – 407
- आरके पुरम – 420
जैसे कई स्थानों पर प्रदूषण बेहद गंभीर श्रेणी में दिखा।
गाज़ियाबाद की हवा भी ‘खतरे’ में
गाज़ियाबाद के लोनी में AQI 425 दर्ज हुआ, जो कि बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। वसुंधरा और इंदिरापुरम जैसे इलाकों की हवा भी खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है।
नोएडा में भी सांस लेना हुआ मुश्किल
नोएडा के सेक्टर 125 में AQI 422, सेक्टर 116 में 438 और सेक्टर 1 में 405 रिकॉर्ड किया गया। यहाँ भी हालात दिल्ली से कम खराब नहीं हैं।
गुरुग्राम और फरीदाबाद की स्थिति
गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी में AQI 359 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर 51 और टेरी ग्राम में हवा ‘बहुत खराब’ स्तर पर बनी रही।
फरीदाबाद में सेक्टर 30 का AQI 174 रहा, जो अपेक्षाकृत कम है, लेकिन हालात फिर भी सामान्य नहीं माने जा सकते।
हवा की दिशा और गति धीमी होने के कारण पूरे एनसीआर में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में हवा और जहरीली हो सकती है।
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