महासमुंद। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में आज जिला मुख्यालय महासमुंद में बड़ी संख्या में किसानों ने पहुंचकर करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और नूतन आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने कंपनी पर सरकारी, आदिवासी और कृषि योग्य भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आरोप लगाते हुए कंपनी संचालकों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
किसान मोर्चा प्रतिनिधियों का कहना है कि उद्योग ने सशर्त डायवर्सन की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके चलते डायवर्सन स्वतः समाप्त माना जा चुका है, बावजूद इसके कंपनी लगातार निर्माण कार्य कर रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सैकड़ों करोड़ रुपये की शासकीय संपत्ति, नेशनल हाईवे की भूमि, वनभूमि, सिंचाई विभाग की नहर-नाली भूमि सहित आदिवासी किसानों की काबिल काश्त भूमि पर कब्ज़ा कराया है, जो सीधा आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला है।
कलेक्टोरेट में जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर महासमुंद से मुलाकात करते हुए किसानों ने ज्ञापन सौंपा।
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एडीएम महासमुंद को अवैध कब्ज़ा हटाने की कार्रवाई प्रारंभ करने तथा नगर एवं ग्राम निवेश विभाग को जांच और कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए।
किसानों ने यह भी कहा कि उद्योग से फैल रहे प्रदूषण के कारण धान की फसल खराब हो रही है, जिससे उनका भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। प्रदूषित धान इंसानों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रहा है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं की, तो छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित कर खराब धान को सामने रखकर दिल्ली किसान आंदोलन की तरह बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
आज जनदर्शन में ज्ञापन सौंपने और चर्चा के दौरान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे – राधाबाई सिन्हा, श्याम बाई ध्रुव, अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, हेमसागर पटेल, बृजबिहारी साहू, भारत खैरवार।
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