इंदौर इंदौर में मेट्रो रूट के निरीक्षण के दौरान एक ऐसी लापरवाही सामने आई, जिसने पूरे प्रोजेक्ट की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए। मेट्रो स्टेशन के पास यात्रियों की पार्किंग के लिए जगह ही नहीं छोड़ी गई। यह चूक उस समय उजागर हुई जब नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ रेडिसन चौराहा पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान जैसे ही मंत्री स्टेशन क्षेत्र में आगे बढ़े, उन्होंने देखा कि वाहनों की पार्किंग की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इस पर उन्होंने अधिकारियों से कड़े शब्दों में सवाल किया—“जब लोग मेट्रो स्टेशन आएंगे, तो अपने वाहन कहां पार्क करेंगे?”
अधिकारियों की ओर से सफाई दी गई कि स्टेशन के आसपास जमीन उपलब्ध नहीं थी। यह सुनते ही मंत्री नाराज़ हो उठे और कहा कि जब पूरा काम लगभग अंतिम चरण में है, तब यह बताना कि जगह नहीं बची—यह गंभीर लापरवाही है।
उन्होंने मौके पर ही निर्देश दिए कि तुरंत जमीन चिन्हित की जाए और पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। मंत्री ने साफ कहा कि यात्री सुविधाएं मेट्रो का सबसे अहम हिस्सा हैं और इन्हें नजरअंदाज करना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।
निरीक्षण में यह भी पता चला कि कई जगह जहां डिवाइडर और पोल लगाए गए हैं, वहां समतलीकरण का काम ठीक से नहीं किया गया है। मंत्री ने इस पर भी नाराज़गी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने को कहा।
रूट निरीक्षण के बाद मंत्री लवकुश चौराहा और गांधी नगर डिपो भी पहुंचे, जहां उन्होंने पूरी परियोजना की स्थिति का आकलन किया। अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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