बिहार में नई सरकार की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। भाजपा–जदयू गठबंधन ने एक बार फिर पुराने फॉर्मूले—छह विधायकों पर एक मंत्री—के आधार पर मंत्रालयों का बंटवारा तय कर लिया है। नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। एनडीए के सहयोगी दलों—जदयू, भाजपा, लोजपा (आर), हम और आरएलएम—को नई सरकार में प्रतिनिधित्व मिलेगा। नीतीश सोमवार को इस्तीफा देंगे और 20 नवंबर तक नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
भाजपा और जदयू के बीच सरकार गठन को लेकर सहमति बनने के बाद शनिवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की बैठक में मंत्रालय फार्मूला फाइनल किया गया।
लोजपा (आर), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को भी उनकी शक्ति के अनुसार कैबिनेट में जगह देने पर चर्चा पूरी हो चुकी है। पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर रविवार को हुई बैठक में नई सरकार की रूपरेखा को आखिरी मंजूरी दी गई। लोजपा (आर) प्रमुख चिराग पासवान ने भी पुष्टि की कि बातचीत जारी है और अंतिम फैसला तय है।
आज होगा इस्तीफा, 20 नवंबर को शपथ की संभावना
नीतीश कुमार सोमवार को कैबिनेट की अंतिम बैठक करेंगे और इसके बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। मंगलवार या बुधवार को एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होने की तैयारी है। 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
किस पार्टी को कितने मंत्रालय?
- भाजपा (89 विधायक) – 15 मंत्री
- जदयू (85 विधायक) – 14 मंत्री
- लोजपा (आर) (19 विधायक) – 3 मंत्री
- हम – 1 मंत्री
- आरएलएम – 1 मंत्री
भाजपा की ओर से पहले की तरह दो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे। इस बार महिला वोटरों की बड़ी भूमिका को देखते हुए एक महिला डिप्टी सीएम बनने की भी संभावना है। सभी दल पहले अपने–अपने विधायक दल के नेता चुनेंगे, उसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री का चयन औपचारिक रूप से होगा।
विभागों का बंटवारा जल्द
सूत्रों के अनुसार:
- गृह विभाग व सामान्य प्रशासन एक बार फिर नीतीश कुमार के पास रहेंगे।
- वित्त विभाग भाजपा को मिलने पर सहमति है।
अन्य विभागों को लेकर गठबंधन सहयोगियों के बीच एक और दौर की बातचीत होगी।
नीतीश के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं
भाजपा शीर्ष नेतृत्व बिहार में स्थिर सरकार देने के लिए नीतीश के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता पर भरोसा जता चुका है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भले कहा कि अंतिम फैसला केंद्र करेगा, लेकिन पार्टी के भीतर स्पष्ट है कि गठबंधन नीतीश के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगा।
नई सरकार में महिलाओं की बड़ी भूमिका
एनडीए को इस चुनाव में महिलाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिला है। इसी को देखते हुए नई कैबिनेट में सात महिलाओं को मंत्री बनाए जाने की योजना है। सहयोगी दल भी इस फैसले से सहमत दिख रहे हैं, क्योंकि नीतीश सभी दलों के लिए स्वीकार्य चेहरा हैं और टकराव की गुंजाइश कम रहती है।
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