हिंदू राष्ट्र भारत: नई चेतना की पदयात्रा शुरू
7 नवंबर 2025 को दिल्ली से वृंदावन के लिए शुरू हुई हिंदू एकता पदयात्रा पूरे जोश, श्रद्धा और एकता के साथ आगे बढ़ रही है। यात्रा में शामिल जनसैलाब ने इसे एक दिव्य और भव्य आंदोलन का रूप दे दिया है। ऐसा कोई सनातनी चेहरा नहीं दिखा जो इस पदयात्रा का समर्थन न कर रहा हो — नेता हों या अभिनेता, साधु-संत हों या आम नागरिक, सभी जात-पात के भेद मिटाकर एकजुट होकर इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
विश्व गुरु भारत का संकल्प
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट है — सभी हिंदुओं को एक सूत्र में बांधकर भारत को विश्व गुरु और हिंदू राष्ट्र बनाना। आयोजनकर्ताओं का मानना है कि यह आंदोलन केवल यात्रा भर नहीं है, बल्कि एक ऐसी चेतना है जिसे हर हिंदू को अपने घर, गांव, कस्बे और क्षेत्र में फैलाना चाहिए। हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना है कि हम सभी हिंदू एकजुट रहेंगे और जातिवाद को समाप्त कर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देंगे।
बागेश्वर धाम सरकार की प्रेरक पहल
बाबा बागेश्वर धाम सरकार द्वारा आरंभ की गई यह यात्रा भले ही 10 दिनों की बताई जा रही हो, परंतु इसे एक महाक्रांति की शुरुआत कहा जा रहा है। इस क्रांति का लक्ष्य है – हर हिंदू को आत्मिक और सामाजिक रूप से एकजुट करना। बाबा के संदेश के अनुसार, यह यात्रा सिर्फ कदमों की नहीं बल्कि आस्था और एकता की यात्रा है। हर हिंदू को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी, अपने भीतर के भेद मिटाकर धर्म और राष्ट्र की एकता के लिए कार्य करना होगा।
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