नई दिल्ली/हापुड़। देश की राजधानी दिल्ली में हुए धमाके की जांच में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पुलिस ने 37 किलो खतरनाक हाइड्राफ्लोराइड केमिकल बरामद किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद से आए शोएब नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो यह केमिकल कार में छिपाकर ला रहा था।
सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के जखीरे और लाल किले के पास हुए धमाके के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच यह नई बरामदगी कई नए कनेक्शन खोल रही है।
हरियाणा के मौलवी से पूछताछ, अल-फला यूनिवर्सिटी पर छापा
जांच के दौरान हरियाणा के एक मौलवी को भी हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि वह अल-फला यूनिवर्सिटी में रह रहा था, जिसे अब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, विस्फोटक सामग्री 30 से 40 दिनों की अवधि में तैयार की गई थी और तीन से चार खेपों में इन रसायनों को इकट्ठा किया गया।
अल-फला यूनिवर्सिटी अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। वहां से 6 से 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। डॉ. उमर और डॉ. शाहीन के कमरों की तलाशी ली गई और तीन घंटे तक पूछताछ चली।
डॉक्टर भाई-बहन निकले आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि डॉ. शाहीन और उनके भाई डॉ. परवेज अंसारी, जो पेशे से डॉक्टर थे, इस आतंकी नेटवर्क का हिस्सा निकले। यूपी एटीएस ने डॉ. परवेज को लखनऊ से हिरासत में लिया था और अब एनआईए उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है।
सूत्रों का कहना है कि डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज पिछले दो सालों से सक्रिय थे, और उनका कनेक्शन डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर से था।
लाल किले की रेकी और 26 जनवरी पर धमाके की प्लानिंग
एनआईए की पूछताछ में डॉ. मुजम्मिल ने कबूल किया कि इस साल 26 जनवरी पर बड़े धमाके की प्लानिंग थी। जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की बकायदा रेकी की गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस आतंकी नेटवर्क का मकसद राजधानी में बड़े पैमाने पर धमाका करना था।
अब क्या?
एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम फिलहाल हरियाणा, यूपी और दिल्ली में छापेमारी कर रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि केमिकल की अगली खेप कहां पहुंचनी थी और इस साजिश के पीछे कौन-से विदेशी लिंक जुड़े हैं।
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