रायपुर/बेमेतरा: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से जुड़ा आरटीआई विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य भारत परिदृश्य में खबर प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग, बेमेतरा ने तत्काल प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। लेकिन विभाग की सफाई के बाद अब और भी नए सवाल खड़े हो गए हैं।

RTI कॉपी में लिखा है 09/08/2024 का टेंट बिल
वायरल RTI कॉपी के अनुसार दिनांक 09 अगस्त 2024 को बेमेतरा में मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम के तहत लगाए गए टेंट, लाइट और साउंड सिस्टम का भुगतान गुरुदेव टेंट हाउस एंड कैटरिंग लाइट साउंड सिस्टम को किया गया है।


किसी निजी कार्यक्रम का भुगतान नहीं: PWD
दूसरी ओर मध्य भारत परिदृश्य में खबर प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग, बेमेतरा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभाग ने किसी भी निजी या गैर-शासकीय कार्यक्रम का भुगतान नहीं किया है। विभाग का दावा है कि केवल शासकीय कार्यक्रमों जैसे मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और प्रभारी मंत्रियों के कार्यक्रमों में लगे टेंट और साउंड सिस्टम के बिल ही स्वीकृत किए गए हैं। विभाग ने यह भी कहा कि 09.08.2024 को किसी निजी कार्यक्रम का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल ने उलझाया
मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी प्रोटोकॉल ओस मामले को और उलझा रहा है। जारी प्रोटोकॉल में 09 अगस्त 2024 को बेमेतरा में आरक्षित कार्यक्रम का उल्लेख है। यानी लोक निर्माण विभाग यह नहीं नकार सकता कि उस दिन कोई कार्यक्रम हुआ ही नहीं। अब सवाल यह है कि जब कार्यक्रम हुआ, तो टेंट और व्यवस्था के भुगतान किसने की?

राजनीतिक सरगर्मी तेज़
इस विवाद ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। विपक्ष इसे सरकारी धन के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहा है, जबकि विभाग इसे गलत बता रहा है। फिलहाल यह मामला अब जांच का विषय बन गया है। लोक निर्माण विभाग को गुरुदेव टेंट हाउस एंड कैटरिंग लाइट साउंड सिस्टम को किए गए सभी बिल, वाउचर और भुगतान विवरण को सार्वजनिक कर देना चाहिए, ताकि यह साफ़ हो सके कि विभाग सच बोल रहा है या सोशल मीडिया में वायरल RTI कॉपी फर्जी है।
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