Cyclone Montha के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक तेज़ हवाओं और भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें बस्तर संभाग सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर में हवाओं की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
इस चक्रवात का असर सिर्फ दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य और उत्तरी हिस्सों में भी बारिश की बौछारें पड़ने की संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। इस कारण प्रशासन ने पहले से ही बचाव और राहत कार्यों के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी हैं।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज़ हवाओं और भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। इसके साथ ही किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चक्रवात के कारण बिजली आपूर्ति में रुकावट, सड़कों पर पेड़ों के गिरने और यातायात में बाधा जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। मौसम विभाग की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपदा से निपटने के लिए समय रहते तैयारी की जा सके।
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