दोहा (कतर): कतर की राजधानी दोहा में आयोजित अरब-इस्लामिक आपातकालीन सम्मेलन में लगभग 50 मुस्लिम देशों के नेता जुटे। सम्मेलन में इजराइल की हालिया सैन्य कार्रवाई और कतर पर हमले को लेकर गुस्सा साफ नजर आया।
ईरान का कड़ा बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि मुस्लिम देशों को अब इजराइल से सभी राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते तोड़ लेने चाहिए। उन्होंने इसे इस्लामी दुनिया की एकजुटता की असली परीक्षा बताया।
पाकिस्तान का सुझाव
पाकिस्तान ने प्रस्ताव रखा कि मुस्लिम देश मिलकर एक NATO जैसी संयुक्त सैन्य फोर्स बनाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर इजराइल को कड़ा जवाब दिया जा सके।
मिस्र और दूसरे देशों का रुख
मिस्र समेत कुछ देशों ने ‘इस्लामिक डिफेंस अलायंस’ की वकालत की। वहीं कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र से इजराइल पर प्रतिबंध लगाने और उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर कार्रवाई करने की मांग की
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सम्मेलन में लिए गए फैसलों का असर मुस्लिम देशों की विदेश नीति पर बड़ा पड़ सकता है। हालांकि, कई देशों ने अभी इस गठबंधन पर आधिकारिक सहमति नहीं दी है।
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