रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलसचिव या प्रभारी कुलसचिव की नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति और पदस्थापना को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्देश जारी किया गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के आदेश के अनुसार, अब ऐसी किसी भी नियुक्ति से पहले माननीय कुलाधिपति से अनिवार्य रूप से अनुमोदन या अनुमति लेनी होगी।
लोक भवन, रायपुर से राज्यपाल के उप सचिव द्वारा 30 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य में संचालित 15 शासकीय विश्वविद्यालयों के संचालन से जुड़े अधिनियमों के तहत राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों से संबंधित अहम प्रशासनिक निर्णयों में कुलाधिपति की स्वीकृति आवश्यक है।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालयों के किसी भी शिक्षक, अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध जांच पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लेने से पूर्व भी राज्यपाल की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमोदन के कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया जा सकेगा।

यह आदेश कृषि विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और पशुपालन विभाग के सचिवों को भेजा गया है। साथ ही राज्य के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी इसकी प्रतिलिपि प्रेषित की गई है, ताकि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार के इस फैसले को विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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