रायपुर। इंडिगो एयरलाइंस में पायलट और क्रू की कमी, उड़ानों के अचानक रद होने और अव्यवस्थित प्रबंधन ने यात्रियों का सब्र तोड़ दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि गोवा से रायपुर आने के लिए यात्रियों को सीधी उड़ान की जगह तीन-तीन फ्लाइट बदलनी पड़ रही हैं, तो कई लोग अपने सामान के लिए बीते तीन दिनों से एयरपोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
यात्रियों का कहना है कि हॉलिडे ट्रिप अब तनाव, अतिरिक्त खर्च और मानसिक परेशानी में बदल गई है। आयोजनों में शामिल न हो पाने की टीस अलग है, वहीं जेब पर भी बड़ा बोझ पड़ा है।
गोवा से परिवार के 19 सदस्यों के साथ गए पवन आहूजा की कहानी इस अव्यवस्था की पूरी तस्वीर बयान करती है। वे बताते हैं कि 2 दिसंबर को गोवा पहुंचने के बाद ही परेशानी शुरू हो गई। शनिवार को वापसी के लिए रायपुर की कोई सीधी फ्लाइट नहीं मिली। मजबूरन पहले गोवा से मुंबई, फिर मुंबई से दिल्ली और आखिर में दिल्ली से रायपुर के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट लेनी पड़ी।
रविवार दोपहर दो बजे रायपुर पहुंचे, लेकिन इस सफर में करीब 20 घंटे लग गए और लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च हो गए।
पवन आहूजा के साथ आए कुछ लोगों ने तो गोवा से मुंबई और फिर मुंबई से नागपुर तक फ्लाइट ली, उसके बाद सड़क मार्ग से रायपुर पहुंचे। पूरी मौज-मस्ती की यात्रा थकान और परेशानियों में तब्दील हो गई। यात्रियों का आरोप है कि इंडिगो एयरलाइंस की ओर से समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई।
वहीं, उदयपुर से डेस्टिनेशन वेडिंग से लौटे अभिषेक की परेशानी भी कम नहीं है। वे लगातार तीन दिनों से स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट आकर अपने और मेहमानों के बैगेज के लिए पूछताछ कर रहे हैं। हर दिन अलग-अलग जानकारी दी जा रही है। अब बताया गया है कि सामान दिल्ली में अटका है।
अभिषेक के कुछ मेहमान स्विट्जरलैंड से भारत आए हैं और उनकी सोमवार को वापसी की फ्लाइट है। यदि समय पर बैगेज नहीं मिला तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
इसके अलावा कई यात्रियों ने बताया कि एक्जीक्यूटिव क्लास में टिकट उपलब्ध न होने की वजह से मजबूरी में बिजनेस क्लास में सफर करना पड़ा, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ गया। लगातार आ रही शिकायतों के बावजूद यात्रियों को अब भी राहत का इंतजार है।
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