महासमुंद। अवैध करणी कृपा कारखाने को लेकर आंदोलन कर रहे छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के सत्याग्रही किसानों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक महासमुंद ने ‘सुपारी’ लेकर 90 फीट क्षेत्र में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को उखड़वाया, जिससे किसानों में भारी आक्रोश फैल गया है। आंदोलनकारी किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय सरपंच को झूठे प्रकरण में फंसाकर जेल भेजा गया, ताकि विरोध की आवाज को दबाया जा सके।
राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि 3 दिसंबर को लोहिया चौक महासमुंद में छत्तीसगढ़ आंदोलनकारी किसान बड़ी संख्या में जुटेंगे और आंदोलन के अगले चरण का खाका तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही महासमुंद बंद की तिथि की घोषणा की जाएगी। साथ ही, न्यायालय के आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का सुप्रीतनामा लिया जाएगा और प्रतिमा को पूरे जिले में भ्रमण कराया जाएगा।
किसान मोर्चा ने यह भी दोहराया कि लगभग 68 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध करणी कृपा कारखाने ने अवैध कब्जा कर रखा है। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल इस भूमि को मुक्त कराए और दोषियों पर कार्रवाई करे। सत्याग्रही किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
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