छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में मतांतरण का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इस घटना में दो व्यक्तियों को गांव में प्रचार कर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।
घटना राजपुर के अंतर्गत ग्राम बैंदी के चिट्टीपारा इलाके की है, जहां संदीप भगत और परशु बेक नामक दो व्यक्ति गांव में घूम-घूमकर लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि वे लोगों को यह कहकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे थे कि उन्हें धर्म बदलने पर मुफ्त इलाज, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त राशन, आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को ग्रामीणों की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया। शिकायत ग्राम घोरघड़ी निवासी रामबली द्वारा की गई थी, जिसमें कहा गया था कि गांव में योजनाबद्ध ढंग से लोगों को गुमराह कर मतांतरण के लिए उकसाया जा रहा है। पुलिस ने मामला गंभीर पाते ही दोनों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि कुछ तत्व समाज के कमजोर तबके को लालच देकर उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रशासन का त्वरित एक्शन सराहनीय है, लेकिन इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता फैलाना जरूरी है।
मतांतरण जैसे मुद्दे केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सांप्रदायिक सौहार्द से भी जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों पर समय रहते कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई न की जाए तो यह समाज में अविश्वास और तनाव को जन्म दे सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि समाज, प्रशासन और पुलिस मिलकर इस प्रकार की गतिविधियों पर लगाम लगाएं।
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