बिलासपुर, 11 नवंबर 2025।राजनीति के मैदान में ‘अनुशासन’ का पाठ पढ़ाने वाली भारतीय जनता पार्टी खुद अपने नेताओं के टकराव से चर्चा में है। बिलासपुर में आयोजित पार्टी के यूनिटी मार्च के दौरान वह दृश्य देखने को मिला, जिसने पार्टी की एकता पर सवाल खड़े कर दिए। मंच था एकजुटता दिखाने का, लेकिन बीजेपी विधायक सुषांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे के बीच झगड़े ने पूरे माहौल को राजनीतिक अखाड़े में बदल दिया।
मामला इतना बढ़ गया कि दोनों नेताओं के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की मौजूदगी में ही बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद की वजह ‘पहली कतार में चलने’ को लेकर हुई नोकझोंक थी। दोनों ही नेता केंद्रीय मंत्री के साथ आगे चलने की कोशिश कर रहे थे, और इसी मुद्दे पर आपसी तकरार हो गई। देखते ही देखते कार्यकर्ता भी दोनों पक्षों में बंट गए, और एक पल को माहौल पूरी तरह गरम हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और उनके समर्थक बीच-बचाव करते रहे, लेकिन कैमरों के सामने ही दोनों नेताओं में कहासुनी चलती रही। इस दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता को हर्षिता पांडे की बांह पकड़कर कुछ कहते हुए देखा गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
विवाद को शांत कराने के लिए वरिष्ठ विधायक धर्मलाल कौशिक को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों नेताओं को समझाया, जिसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। हालांकि, इस घटना ने बीजेपी की छवि पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
उधर, कांग्रेस ने इस विवाद को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “बीजेपी की यूनिटी अब सिर्फ नारों में रह गई है, हकीकत में उनके नेता एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे हैं।” जवाब में बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति बीजेपी में नहीं है और विपक्ष पहले अपने घर के झगड़े सुलझाए।
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