रायपुर. छत्तीसगढ़ की जनता को एक बार फिर सरकार से राहत मिलने जा रही है। ऊर्जा विभाग ने 200 यूनिट तक बिजली बिल आधा करने की नई योजना तैयार की है और फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दी गई है।
इस योजना से करीब 14 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। फिलहाल जिन उपभोक्ताओं को ₹900 तक का बिल देना पड़ता है, वे इस योजना के बाद केवल ₹450 के आसपास भुगतान करेंगे।
योजना के मुख्य बिंदु
- 200 यूनिट तक की खपत पर 50% बिल माफ।
- 200 यूनिट से ऊपर की खपत पर सामान्य दरें लागू रहेंगी।
- केवल घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ।
- योजना को दिसंबर से लागू करने की तैयारी।
सचिवालय में चर्चा तेज
ऊर्जा विभाग ने बताया कि प्रस्ताव में सभी वित्तीय पहलुओं और सब्सिडी के स्रोतों का ब्यौरा शामिल है। फाइल फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में विचाराधीन है।
सूत्रों के मुताबिक, योजना को “जनकल्याण बिजली राहत योजना” के रूप में लागू किया जा सकता है।
जनता और विपक्ष की प्रतिक्रिया
जनता इस योजना को “राहत का बड़ा कदम” बता रही है, जबकि विपक्ष ने कहा कि “सरकार को याद आया कि उसने बिजली बिल हाफ करने का वादा किया था।”
बिजली विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत होगी, लेकिन इससे बिजली सब्सिडी पर बोझ भी बढ़ सकता है।
अगर मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल जाती है, तो दिसंबर से छत्तीसगढ़ के लाखों घरों में आएगा “आधा बिल, पूरी राहत” का तोहफा।
Leave a comment