नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के एयर ट्रैफिक सिस्टम में आई रहस्यमयी खराबी ने शुक्रवार को पूरे विमानन नेटवर्क को हिला दिया। करीब 12 घंटे तक फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित रहे और 800 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं। अब इस तकनीकी गड़बड़ी के पीछे साइबर हमले की आशंका जताई जा रही है।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, Airports Authority of India (AAI) के Automatic Message Switching System (AMSS) में अचानक खराबी आई थी। यह सिस्टम देशभर में उड़ानों के फ्लाइट प्लान और डेटा रूटिंग को कंट्रोल करता है। सिस्टम फेल होते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को मैन्युअल मोड में काम करना पड़ा, जिससे कई घंटों तक उड़ानें रुकी रहीं।
जांच और सरकार की प्रतिक्रिया
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घटना की हाई लेवल जांच के आदेश दे दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने AAI को तीन महीने के भीतर सिस्टम अपग्रेड करने और साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने को कहा है। हालांकि मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि फिलहाल किसी साइबर हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।
यात्रियों को भारी दिक्कत
दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु, दुबई और सिंगापुर जाने वाली दर्जनों फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। कई यात्रियों को टर्मिनल पर रात गुजारनी पड़ी। एयरलाइंस ने यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था देने की कोशिश की, लेकिन ट्रैफिक सिस्टम डाउन होने के कारण एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल रहा।
टेक्निकल टीम का दावा
AAI की तकनीकी टीम ने देर रात तक काम कर सिस्टम को क्रमशः रीस्टोर किया। देर रात 1 बजे तक उड़ानें सामान्य रूप से चलने लगीं।विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना भारत की एविएशन सिक्योरिटी स्ट्रक्चर के लिए एक चेतावनी है।
दिल्ली एयरपोर्ट की इस घटना ने दिखा दिया कि भारत के हवाई नेटवर्क को मजबूत साइबर सुरक्षा सिस्टम की जरूरत है।सरकार अब “फुल सिस्टम ऑडिट” कराने की तैयारी में है ताकि भविष्य में ऐसा व्यवधान न हो सके।
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