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नागपुर-कोलकाता इंडिगो फ्लाइट में हादसा: पक्षी टकराने से विमान की नोज क्षतिग्रस्त, आपात लैंडिंग; 5 दिन में दूसरा मामला

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नागपुर: नागपुर से कोलकाता जा रही इंडिगो की फ्लाइट को उस समय आपात लैंडिंग करनी पड़ी, जब उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद एक पक्षी विमान से टकरा गया। इस हादसे में विमान की नोज (आगे का हिस्सा) को गंभीर नुकसान पहुँचा और वह अंदर की ओर धंस गई। यह घटना मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को सुबह करीब 8:30 बजे हुई। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत नागपुर हवाई अड्डे पर विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई। इस घटना में सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं, लेकिन यह इंडिगो के लिए पाँच दिनों में दूसरी आपात लैंडिंग की घटना है, जिसने विमानन सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

हादसे का विवरण

इंडिगो की फ्लाइट 6E-247 ने नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह कोलकाता के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद, एक पक्षी विमान के नोज से टकराया, जिससे विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। टकराव इतना जोरदार था कि नोज अंदर की ओर धंस गई, जिसके कारण पायलट ने तुरंत हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) को सूचित किया और विमान को वापस नागपुर लाने का फैसला किया। तकनीकी टीम ने लैंडिंग के बाद विमान की जाँच शुरू की, और यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से कोलकाता भेजने की व्यवस्था की गई।

पाँच दिन में दूसरी घटना

यह इंडिगो के लिए पाँच दिनों में दूसरी आपात लैंडिंग की घटना है। इससे पहले, 28 अगस्त 2025 को दिल्ली से हैदराबाद जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट (6E-456) को तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली में आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस घटना में भी सभी यात्री सुरक्षित थे, लेकिन लगातार दो घटनाओं ने इंडिगो की रखरखाव और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस ताजा घटना की जाँच के आदेश दिए हैं।

इंडिगो का बयान

इंडिगो ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हमारी फ्लाइट  को पक्षी टकराने के कारण नागपुर में वापस लैंड करना पड़ा। सभी यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। विमान की जाँच चल रही है, और हम यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।” एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी भी मांगी है।

पक्षी टकराव: एक गंभीर चुनौती

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, पक्षी टकराव (बर्ड स्ट्राइक) विमानन उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती है, खासकर उड़ान और लैंडिंग के दौरान। भारत में हवाई अड्डों के आसपास पक्षियों की मौजूदगी को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं, जैसे कि बर्ड स्केयर डिवाइस और नियमित सफाई। फिर भी, ऐसी घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पक्षी टकराव से न केवल विमान को नुकसान होता है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा करता है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

हादसे के बाद कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की, क्योंकि उनकी उड़ान में देरी हुई। एक यात्री ने एक्स पर लिखा, “इंडिगो की फ्लाइट में बार-बार ऐसी घटनाएँ क्यों हो रही हैं? क्या उनकी मेंटेनेंस प्रक्रिया में कोई कमी है?” वहीं, कुछ यात्रियों ने पायलट की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

आगे की जाँच

DGCA ने इस घटना की जाँच के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि पक्षी टकराव को रोकने के लिए नागपुर हवाई अड्डे पर पर्याप्त उपाय थे या नहीं। साथ ही, इंडिगो के विमानों की तकनीकी स्थिति की भी जाँच की जाएगी।

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